
May 09, 2026
छिपा हुआ संबंध: कैसे अतिरिक्त वजन कैंसर के खतरे को बढ़ाता है
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आंकड़ों, जोखिमों और यह आपके लिए क्यों मायने रखता है, इसे समझना।
V. मुथुकुमार, MD
CEO और संस्थापक, KSP Health
आधारित: JAMA 21 अप्रैल, 2026 खंड 335, संख्या 15
एक बढ़ती चिंता 😟
क्या आप जानते हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका में हर साल कैंसर के लगभग 100 नए मामलों में से 10 मामले अधिक वजन या मोटापे से जुड़े होते हैं? कुछ विशिष्ट कैंसर, जैसे कि गर्भाशय (एंडोमेट्रियल कैंसर) या लिवर को प्रभावित करने वाले कैंसर के लिए, यह संख्या लगभग हर 100 मामलों में से 50 तक पहुँच जाती है।
लेकिन “ओवरवेट” (अधिक वजन) और “मोटापे” का वास्तव में क्या अर्थ है? डॉक्टर बॉडी मास इंडेक्स (BMI) नामक एक सरल माप का उपयोग करते हैं। यह आपके वजन की तुलना आपकी लंबाई से करने का एक तरीका है।
• ओवरवेट (Overweight) का अर्थ है 25 और 29.9 के बीच BMI।
• मोटापा (Obesity) का अर्थ है 30 या उससे अधिक का BMI।
भविष्य के लिए चिंताजनक रुझान 📈
यह केवल आज की समस्या नहीं है। आने वाले वर्षों में इन आंकड़ों में तेजी से वृद्धि होने की उम्मीद है:
• अमेरिका में: 2010 में लगभग 35% वयस्कों को मोटापा था। 2020 तक यह 42% हो गया। और 2030 तक विशेषज्ञों का अनुमान है कि लगभग आधे अमेरिकी वयस्कों (49%) को मोटापा होगा।
• दुनिया भर में: 2035 तक, 4 अरब से अधिक लोग—यानी दुनिया की आधी से अधिक आबादी—ओवरवेट या मोटापे का शिकार होने की संभावना है।
• कैंसर की दर भी बढ़ रही है: 2050 तक, हम सालाना 3.5 करोड़ से अधिक नए कैंसर मामले देख सकते हैं।
विशेष रूप से चिंता की बात यह है कि मोटापे से जुड़े कैंसर (जैसे स्तन और कोलोरेक्टल कैंसर) अन्य प्रकार के कैंसर की तुलना में युवा वयस्कों (25 से 49 वर्ष की आयु) में तेजी से बढ़ रहे हैं।
कौन से कैंसर अतिरिक्त वजन से जुड़े हैं? ⚠️
इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने 12 प्रकार के कैंसर को “मोटापे से संबंधित” माना है:
- कोलोरेक्टल (बड़ी आंत और मलाशय)
- एंडोमेट्रियल (गर्भाशय)
- रजोनिवृत्ति के बाद स्तन कैंसर (Postmenopausal breast cancer)
- पित्ताशय (Gallbladder)
- गुर्दा (Kidney)
- लिवर (यकृत)
- भोजन नली (Esophagus)
- अंडाशय (Ovarian)
- अग्न्याशय (Pancreas)
- पेट (Stomach)
- मल्टीपल मायलोमा (एक प्रकार का ब्लड कैंसर)
- थायराइड
नए शोध में प्रोस्टेट कैंसर, मेलानोमा (त्वचा कैंसर) और अन्य रक्त कैंसर के साथ भी इसके संबंध पाए जा रहे हैं।
शरीर के अंदर क्या होता है? जोखिम का विज्ञान (Biology of Risk) 🔬
अतिरिक्त वजन वास्तव में आपकी कोशिकाओं को कैसे बदल सकता है।
वजन सिर्फ एक संख्या नहीं है 🤔
आप सोच सकते हैं: शरीर की अतिरिक्त वसा कैंसर का कारण कैसे बन सकती है? यह केवल वजन के बारे में नहीं है। वसा ऊतक (विशेष रूप से आपके पेट और अंगों के आसपास जमा सफेद वसा) एक व्यस्त रासायनिक कारखाने की तरह काम करता है। जब यह बहुत अधिक हो जाता है, तो यह कारखाना आपके शरीर के बाकी हिस्सों को गलत संकेत भेजना शुरू कर देता है।
अतिरिक्त वसा कैंसर के जोखिम को इन मुख्य तरीकों से बढ़ा सकती है:
1. क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन (Chronic Inflammation) 🔥
जब वसा कोशिकाएं बहुत बड़ी हो जाती हैं, तो वे अंततः मर जाती हैं। आपका इम्यून सिस्टम उस मलबे को साफ करने के लिए कोशिकाओं की एक फौज भेजता है। इससे पूरे शरीर में लगातार हल्का “इन्फ्लेमेशन” (सूजन जैसी स्थिति) बना रहता है। समय के साथ, यह स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुँचा सकता है और उन्हें कैंसरयुक्त होने के लिए उकसा सकता है।
2. हार्मोन असंतुलन ⚖️
रजोनिवृत्ति (Menopause) के बाद, वसा ऊतक शरीर में एस्ट्रोजन बनाने का मुख्य स्थान बन जाता है। मोटापे से ग्रस्त लोगों में बहुत अधिक एस्ट्रोजन बनता है। उच्च एस्ट्रोजन स्तर स्तन और गर्भाशय कैंसर जैसे कुछ कैंसर के विकास को बढ़ावा दे सकता है।
3. कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता 🛡️
आपका इम्यून सिस्टम सामान्य रूप से एक सुरक्षा गार्ड की तरह काम करता है, जो असामान्य कोशिकाओं को कैंसर बनने से पहले ही ढूंढकर नष्ट कर देता है। लेकिन मोटापा इम्यून सिस्टम को “भ्रमित” कर सकता है, जिससे यह कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में कम प्रभावी हो जाता है।
4. कैंसर कोशिकाओं के लिए ऊर्जा की अधिकता ⚡
कैंसर कोशिकाएं बहुत भूखी होती हैं। पास की बड़ी वसा कोशिकाएं वास्तव में वसा और ऊर्जा को पैक करके सीधे कैंसर कोशिकाओं तक पहुँचा सकती हैं, जिससे उन्हें तेजी से बढ़ने और फैलने में मदद मिलती है।
5. डीएनए (DNA) क्षति 🧬
मोटापा शरीर में “रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज़” (फ्री रेडिकल्स) नामक अस्थिर अणु बना सकता है। ये आपके डीएनए से टकराकर उसे नुकसान पहुँचा सकते हैं, जिससे कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लग सकती हैं।
आशा और कार्रवाई: अपने जोखिम को कैसे कम करें 🌱
वजन घटाने, दवाओं और जीवनशैली में बदलाव से फर्क पड़ता है।
अच्छी खबर: आप अपना जोखिम कम कर सकते हैं 😊
यदि अतिरिक्त वजन कैंसर के खतरे को बढ़ाता है, तो अगला सवाल यह है: क्या वजन कम करने से वह खतरा कम हो जाता है? जवाब है हाँ—लेकिन वजन घटाने की मात्रा मायने रखती है।
• मामूली वजन घटाना भी मददगार है: एक बड़े अध्ययन में पाया गया कि शरीर के वजन का केवल 5% कम करना (उदाहरण के लिए 100 किलो से 95 किलो पर आना) मोटापे से संबंधित कैंसर, विशेष रूप से गर्भाशय कैंसर के कम जोखिम से जुड़ा था।
• ज्यादा वजन घटना, ज्यादा असर: सबसे नाटकीय परिणाम बेरियाट्रिक (वजन घटाने वाली) सर्जरी से मिलते हैं। एक अध्ययन ने दिखाया कि सर्जरी ने मोटापे से संबंधित कैंसर के समग्र जोखिम को 32% तक कम कर दिया।
दवाओं के बारे में क्या? 💊
नई दवाएं वजन कम करने और संभवतः कैंसर के जोखिम को कम करने, दोनों में वास्तविक उम्मीद दिखा रही हैं।
• मेटफॉर्मिन (Metformin): मधुमेह की एक सामान्य दवा। कुछ शोध बताते हैं कि मेटफॉर्मिन लेने वाले लोगों में कैंसर की दर कम होती है।
• GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट (जैसे Semaglutide/Ozempic/Wegovy): ये दवाएं 10-15% वजन घटाने में मदद करती हैं। शुरुआती शोध उत्साहजनक हैं, जो कई प्रकार के मोटापे से संबंधित कैंसर के जोखिम में कमी दिखाते हैं।
सप्लीमेंट्स (Supplements) पर सावधानी ⚠️
आप सोच सकते हैं कि एंटीऑक्सीडेंट (जैसे विटामिन E या सेलेनियम) लेने से मदद मिलेगी। हालांकि, बड़े नैदानिक परीक्षण (Clinical trials) निराशाजनक रहे हैं। वास्तव में, एक प्रमुख परीक्षण में पाया गया कि विटामिन E ने वास्तव में पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम को बढ़ा दिया। कोई भी सप्लीमेंट शुरू करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से बात करें।
निष्कर्ष ✅
अधिक वजन और मोटापा हर साल कैंसर के बड़ी संख्या में मामलों के लिए जिम्मेदार हैं। लेकिन यह बिना उम्मीद की कहानी नहीं है। वजन कम करना—विशेष रूप से जब यह महत्वपूर्ण और स्थायी हो—आपके कैंसर के जोखिम को कम कर सकता है। आहार, व्यायाम, दवा या अन्य चिकित्सा सहायता के माध्यम से अपने लिए सही योजना के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।
आस्वस्थ वजन की ओर हर कदम आपके कैंसर के जोखिम को कम करने की दिशा में एक कदम है।
जय हिन्द! 🇮🇳
References:
https://www.cancer.gov/about-cancer/causes-prevention/risk/obesity/obesity-fact-sheet
https://www.cdc.gov/cancer/risk-factors/obesity.html
https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC9857053/
https://jamanetwork.com/journals/jama/article-abstract/2846256
https://www.youtube.com/watch?v=JUg-LrP6dDU